Pak free sex chating

जब इसे पूरा पढ़ा तो हमारी हैरानी का ठिकाना न रहा जब हमने देखा कि मुहम्मद (सल्लo) के दुनिया की और मजहबी किताबों में होने के बारे में जाकिर भाई का सारा काम इस किताब की ज्यों की त्यों नक़ल ही है!इससे बढ़कर यह कि जाकिर भाई ने कहीं भी अपनी किसी किताब, तक़रीर, या लेख में इन हजरत अब्दुल हक का नाम भी नहीं लिया, उनका शुक्रिया अदा करना तो बहुत दूर रहा.फिर उसी तरह मुहम्मद और फिर मिर्ज़ा गुलाम को भी उसी पैगम्बरी परंपरा का दूत दिखाते हैं.कादियानी फिरके के आलावा कोई और मुसलमान इस को नहीं मानता.

जाकिर नाइक अपने इस कारनामे से जिन जिन बुरी बातों के सरताज बने हैं, वे हैं-१.

हम जाकिर भाई से पूछना चाहते हैं कि उन्होंने अपने चाहने वाले एक सच्चे मुसलमान के लिए क्या रास्ता छोड़ा है?

यही कि या तो जाकिर भाई की तरह कादियानियों के शुक्रगुजार हों और उनके कर्जदार हो जाएँ या फिर इस्लाम को दाग लगाने वाले जाकिर भाई से ही तौबा कर लें!

वैसे कभी कभी वो खुद को इस इस बात में आलिम भी कहते हैं!

असल में भी जब जाकिर भाई कुरान, हदीसों और दूसरी किताबों के हवाले (प्रमाण) बिना किसी किताब की मदद से केवल अपनी सनसनीखेज याददाश्त से देते हैं तो मौके पर ही हज़ारों को अपना मुरीद बना लेते हैं.

Search for Pak free sex chating:

Pak free sex chating-40Pak free sex chating-10Pak free sex chating-88

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

One thought on “Pak free sex chating”